1 हजार की लागत से 40 हजार रुपियो तक खेती में कमाया

नमस्कार मित्रो में आप सबका एक बार फिर से स्वागत करता हु 

हैलो  मित्रो मे आशा करता हु की आपने पिछले article पढ़ चुके है ओर आज मे आपको इस लेख में  बेहतरीन क्या आपको पता है कि सिर्फ 1 हजार की लागत से 40 हजार रुपियो तक खेती में कमाया जा सकता है मे बताने वाला हु

आज में आपके साथ एक ओर नया आर्टिकल लेके आया हु 


क्या आपको पता है कि सिर्फ 1 हजार की लागत से 40 हजार रुपियो तक खेती में कमाया जा सकता है जी है ये बिलकुल सच है


• सिर्फ 1 हजार की लागत से 40 हजार की कमाई

गूगल से सीखी जैविक खेती करने का तरीका 

• एक शिक्षक ने अपने बेटे के साथ मिलकर किया ये काम

• यूट्यूब और गूगल पर जैविक खेती के बारे में जानकारी जुटाई

• खेत में लौकी, करेला सहित अन्य सब्जियां लगाईं

• कुछ समय बाद तो सब्जी व्यापारी उसके खेत से ही सब्जियां ले जाने लगे

एक हजार की लागत से किसान ने कमाए 40 हजार, गूगल से सीखी जैविक खेती करने की तरीका

ये कहानी है रतलाम जिले के आदिवासी एक शिक्षक ने अपने बेटे के साथ मिलकर लॉकडाउन के कारण बंद स्कूल की अवधि का फायदा उठाकर एक हजार की लागत से किसान ने 40 हजार की कमाई कर डाली.

इस शिक्षक ने अपनी डेढ़ हेक्टेयर की भूमि पर जैविक खेती से सब्जियां उगाईं और ये जैविक खेती उसने गूगल से सीखी है और पूरे चालीस हजार की कमाई की, जिसमें सिर्फ एक हजार की लागत आई थी.

रतलाम जिले के आदिवाशी अंचल का एक छोटा सा गांव है इसमें गोविद सिंह कसावत नाम का एक शिक्षक रहता है वो शिक्षक के साथ साथ एक फार्मर भी है 



यह शिक्षक रतलाम जिले के गांव नरसिंह नाका में प्राथमिक स्कूल में पढ़ाने का काम करते है और साथ साथ खेती का भी संभाल करते है 

गोविंद सिंह कसावत ओर उनके बेटे मनोज ने साथ मिलकर एक नया आविष्कार किया जिनका नाम है जैविक खेती करना और पिता पुत्रने मिलकर ये कुछ नया काम किया और पिता का बखूबी साथ दिया. 

आजकल लोग जैविक खेती सब करना चाहते है लेकिन कुछ निजी जानकारी वजह से कर नही पाते है उसको कोई आईडिया नही होता कि कैसे ये खेती करी जाइ लेकिन आज का जमाना गूगल का ओर यूट्यूब का है ये पिता पुत्र ने मिलकर गूगल ओर यूट्यूब के माध्यम से जैविक खेति करने का नक्की किया और इस से शिखकर जैविक खेती की ओर उसके सफलता भी मिली 

आज इस किसान से जैविक खेती कैसे की जय इसके बारे में जानकारी लेने के लिए आसपास के किसान सीखने के लिए आने लगे हैं ओर शिख रहे है साथ साथ वहीं, सब्जी खरीदने के लिए लोग उसके खेत ही पहुंचने लगे हैं.

जैविक खेती के बारे में इस शिक्षक ने काफी सुना था लेकिन कभी की नहीं थी. उसके मन में लॉकडाउन के कारण मिले समय का उपयोग करने के लिए जैविक खेती को अपनाने का विचार आया.


उसने अपने बेटे के साथ मिलकर यू ट्यूब और गूगल पर जैविक खेती के बारे में जानकारी जुटाई और फिर उस जानकारी के आधार पर अपने खेत में लौकी, करेला सहित अन्य सब्जियां लगाईं.

इस फसल में उसने जैविक खेती के तहत जैविक खाद का उपयोग किया. सब्जियों की खेती खूब लहलहा उठी. अपने खेत की सब्जियों को बेचने के लिए शिक्षक खुद आदिवासी अंचल से ऱतलाम आता था और सब्जियां मंडी में बेचकर जाता था. कुछ समय बाद तो सब्जी व्यापारी उसके खेत से ही सब्जियां ले जाने लगे.

ये ना कमाल की बात हमारे किसान भइयो की उसने technology की मदद से जैविक खेती की ओर इस lock down में 40 हजार रुपियो कमा लिए 

यकीन है की आपने पूरा article पढ़ चुके है आप आपने सोश्ल मीडिया परजेसे whatsapp, Facebook ओर Instagram पर publish कर सकते है ओर आपके फ्रेंड्स, रिस्तेदारियों को भी बता सकते है अगर ये आपको पसंद आया तो comment करके जरूर बताएं ओर यदि आपके पास कोई सुजाव है तो  बता सकते है.

हम आपको मिलते हैं हमारे अगले पोस्ट में तब तक के लिए आपको धन्यवाद 

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